About the Journal
Quarterly International Referred Research Journal of MULTIDISCIPLINARY with Language, Applied Linguistics, Media and Literary Analysis
Dear Researchers/ Authors,
Invitation for publication of Research Papers in ISSN: 2454-4388 (Print) BHASHIKI: Quarterly International Peer reviewed/Refereed Research Journal of Language, Applied Linguistics, Media, Translation and Literary Analysis.
The BHASHIKI: Quarterly International Peer reviewed/Refereed Research Journal of MULTIDISCIPLINARY format with Language, Applied Linguistics, Translation, Education, Media and Literary Analysis is a peer-reviewed journal, published by Siddhi Vinayak Publication [The unit of Aravalli Welfare Foundation registered NGO under Section 8(1) of the Company Act 2013].
We are indexed with University Grants Commission (UGC) approved list at Journal No. 63725 under Literature and Literary Theory of Arts and Humanities, Scientific Indexing Services (SIS), Universal Impact Factor (UIF), Directory of Research Journals Indexing (DRJI), Academic Resource Index and many more International and National indexing are in process. The journal publishes research papers in all the fields of MULTIDISCIPLINARY format with Language, Dialect-geography of Indian-languages and its grammatical aspect, Various Aspect of Linguistics, Applied Linguistics, Media-studies, Translation-studies, Cultural-studies, Comparative-literature, Education, Book-review, Literary Criticism and Literary-analysis and other relevant subjects.
The journal is published in bilingual format with printed and it is available online for authors. The journal is available only on print edition and the current issue can be viewed online. Emphasis is given to papers that address controversial topics and which have a sound theoretical base with solid scientific proofs and/or practical applications. All papers submitted should be original contributions and not under consideration for publication elsewhere.
We have listed the topics that fall under the very scope of the journal for the ease of our authors. We normally take a week for getting an article reviewed. We do not any charge for an article to be published in Quarterly International Refereed Research Journal of MULTIDISCIPLINARY format with Language, Applied Linguistics, Media, Education, Translation and Literary Analysis.
Before submitting the articles, you need to make sure that you have gone through editorial policy of BHASHIKI
समादरणीय लेखकों / स्कॉलर्स
भाषिकी : भाषा, अनुप्रयुक्त भाषाविज्ञान, अनुवाद, मीडिया तथा साहित्य-विश्लेषण की संदर्भ अनुशंसित अंतरराष्ट्रीय रिसर्च त्रैमासिक संवाहिका है जो पिछले 20 वर्षों से नियमित रूप से प्रकाशित हो रही है, जिसमें भाषा एवं आधुनिक भारतीय भाषाओं की बालियों और उसके व्याकरण संबंधी पहलू ,भाषा-भूगोल, भाषाविज्ञान, अनुप्रयुक्त भाषाविज्ञान, मीडिया-अध्ययन, अनुवाद-अध्ययन, सांस्कृतिक-अध्ययन, तुलनात्मक-साहित्य, विशेषज्ञों द्वारा नव प्रकाशित पुस्तकों की समीक्षा, साहित्यिक आलोचना, साहित्यिक-विश्लेषण इत्यादि सहित अन्य विभिन्न क्षेत्रों एवं प्रासंगिक विषयों के शोध-पत्र प्रकाशित किए जाते हैं।
‘भाषिकी’ वैज्ञानिक इंडेक्सिंग सर्विसेज (एसआईएस), यूनिवर्सल इंपैक्ट फैक्टर (यूआईएफ), डायरेक्टरी ऑफ रिसर्च जर्नल इंडेक्सिंग (डीआरजेआई), शैक्षणिक संसाधन सूचकांक और अन्य बहुत से अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय रिसर्च-जर्नल्स की इंडेक्सिंग में शामिल है।
भाषिकी रिसर्च संवाहिका पूरी तरह अवैतनिक और अव्यावसायिक है जिसका प्राथमिक और मौलिक उददेश्य उच्च शैक्षणिक संस्थानों के अद्यतन रिसर्च-कार्यों को वैश्विक स्तर पर ले जाना है । भाषिकी के प्रकाशन में सदैव अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मापदंडों को ध्यान में रखा गया है । यह रिसर्च जर्नल द्विभाषी प्रारूप (हिंदी-अंग्रेजी, अंग्रेजी-हिंदी) में छपती है । यह रिसर्च-जर्नल केवल प्रिंट संस्करण पर उपलब्ध है और अपने लेखकों के लिए यह ऑनलाइन उपलब्ध है एवं वर्तमान अंकों को ऑनलाइन देखा जा सकता है ।
शोध-आलेख लेखकों को अपने स्व-लिखित आलेखों की संक्षिप्ति (ABSTRACT) हिंदी और अंग्रेजी में vice-a-varsa ( हिंदी आलेख का अंग्रेजी और अंग्रेजी का हिंदी में ) भेजने का प्रयास करना होगा । प्रकाश्य आलेख के साथ संपादक के नाम अनापत्ति प्रमाण अनिवार्यत: भेजना पड़ेगा । प्रत्येक अंक के लेखकों को रिव्यू पैनल की अनुशंषा के अनुरूप उचित मानदेय देय होगा ।
शोध-आलेख प्रकाशन से पूर्व संबंधित लेखकों को भाषिकी रिसर्च संवाहिका की कोई एक सदस्यता अनिवार्य रूप से लेना जरूरी होगा।
लेखकों द्वारा प्रेषित सभी आलेख मौलिक होने चाहिए और अन्यत्र प्रकाशन के लिए विचाराधीन नहीं हो।